झारखंड के सरकारी स्कूल के शिक्षक सुपरहीरोज हैं। वे कुछ भी कर सकते हैं। मतदान पहचान पत्र बना सकते हैं। जनगणना कर सकते हैं। पशुगणना भी। कोरोना काल में वे घर-घर जाकर लोगों का तापमान भी जांच चुके हैं। अब सरकार ने सोचा सरकारी स्कूल के हमारे सुपरहीरोज शिक्षकों
किसी भी विभाग का कोई भी विद्यार्थी इस प्रदर्शनी में भाग ले सकता है
30 जनवरी तक आठवीं के विद्यार्थियों की संख्या अंतिम रूप से जैक को भेजने को कहा गया